Chaibasa : बहन की लाश लेकर बैंक पहुंचना दुःखद,  सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें : बुधराम

चाईबासा : बहन की लाश लेकर बैंक पहुंचना बहुत ही दुःखद घटना है, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए. यह बातें आज आदिवासी मुंडा समाज विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है. श्री लागुरी ने कहा कि ओड़िशा राज्य के क्योँजर जिले के बिनाली गांव के गरीब जीतू मुंडा ने क़ब्र खोदकर बहन की लाश के साथ बैंक पहुँच कर अपने पैसे निकालने जाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा किया है.
ओडिशा से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाला यह मामला सामने आया है, जिसने मानवता, प्रशासनिक व्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओडिशा के एक ग्रामीण इलाके में रहने वाले जीतू मुंडा को अपनी बहन कालरा मुंडा की मृत्यु के बाद ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा, जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जीतू मुंडा की बहन का निधन बीमारी के कारण हो गया था। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और अंतिम संस्कार के लिए भी उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। जीतू मुंडा ने अपनी बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन बैंक द्वारा आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि जीतू के पास इंतजार करने का भी विकल्प नहीं था। बताया जा रहा है कि बैंक अधिकारियों ने मृतक के पहचान और खाते से पैसे निकालने के लिए औपचारिकताओं को पूरा करने पर जोर दिया। ऐसे में मजबूर होकर जीतू मुंडा अपनी बहन के शव को क़ब्र से निकालकर बैंक लेकर पहुंच गया, ताकि वह यह साबित कर सके कि उसकी बहन का निधन हो चुका है और उसे तत्काल पैसों की आवश्यकता है।
बैंक परिसर में इस घटना को देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। कई लोगों ने इस अमानवीय स्थिति पर गहरी नाराजगी जाहिर की। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया और मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर कर दिया है कि ग्रामीण और गरीब तबके के लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं के बावजूद जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता नहीं पहुंच पाती है। श्री लागुरी ने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी भी व्यक्ति को इस तरह की अपमानजनक और दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की कितनी आवश्यकता है। अब देखना यह है कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जुनप में होल्डिंग टैक्स वृद्धि के खिलाफ आवाज़ तेज, अनिल मोदी ने मंत्री को लिखा पत्र पुराने दर पर ही टैक्स लेने का किया अनुरोध

Spread the love

Related Posts

Jamshedpur : बर्मामाइंस में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, 69.10 लाख की जनहितकारी योजनाओं का विधायक पूर्णिमा साहू ने किया शिलान्यास 

जमशेदपुर : पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विधायक पूर्णिमा साहू ने मंगलवार को बर्मामाइंस क्षेत्र में नगर विकास एवं आवास विभाग की निधि से…

Spread the love

Jamshedpur : सरयू राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल, लेटलतीफी घटने की बात कहने वाले अधिकारी ट्रेनों का नाम क्यों नहीं बताते?

चक्रधरपुर डिवीजन के अधिकारी अब झूठ परोस रहे हैं तथ्यों की हेरा-फेरी कर रहे हैं कुशाग्र बुद्ध वाले अफसर राखा माइंस से टाटानगर पहुंचने में घंटों क्यों लगते हैं टाटानगर…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time