क्वार्टर संख्या ए / 935 की बालकोनी टूट कर गिरी, बाल-बाल बचा कंपनी कर्मी का परिवार
जादूगोड़ा : यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) के नरवा पहाड़ आवासीय कॉलोनी का जर्जर क्वार्टर कभी भी बन सकता है मौत का डेरा । जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। इधर यूसिल कर्मी जर्जर मकान में डर के साये में जीने को विवश है। बीती रात यूसिल की नरवा पहाड़ आवासीय कॉलोनी की जर्जर भवन के तीसरे तल्ले के क्वार्टर संख्या ए / 935 की बालकोनी टूट कर नीचे गिर पड़ी। इस घटना से नीचे रह रहे कंपनी कर्मी का परिवार बाल बाल बच गया। इस बाबत यूसिल कर्मी एस नाग की पत्नी रीता रानी नाग बताया कि पूर्व में शिकायत पर संपदा विभाग करवाई करता तो इस तरह का हादसा नहीं होता। उन्होंने जानकारी दी कि बालकोनी का दूसरा हिस्सा हलका टच करने से ही हिलने लगता है। वह कभी भी टूट कर बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मियों द्वारा बालकोनी की मरम्मति की शिकायत के बावजूद संपदा विभाग द्वारा अनदेखी की जा रही है। जिसका नतीजा आज बालकनी का टूटकर गिरना है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद संपदा विभाग हरकत में आया व गिरी हुई बालकोनी को ईंट से जोड़ दिया गया। जबकि घटना के बाद बालकोनी का दूसरे हिस्से में पहले से दरार आ गयी है। उसे छूने वह हिलने लगता है। अगर समय रहते इसे तोड़ कर नया नहीं बनाया गया तो भविष्य में बड़ा हादसे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बाबत रीता रानी बाग ने कहा कि यूसिल की नारवा पहाड़ आवासीय कॉलोनी का हाल पूरे ए टाइप क्वार्टरों की तरह है। प्लास्टर गिर कर छड़ निकल गया है। कई घरों के छतों का प्लास्टर गिरने लगा है। जिसकी वजह से यूसिल कर्मी डर व भय के साए में रहने को विवश है वहीं यूसिल प्रबंधन आखे मूंदे हादसे का इंतजार कर रहा है।
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