जमशेदपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ इतिहास रचने की तैयारी में है। यदि घोषणा के अनुरूप सबकुछ ठीक ठाक पार्दर्शी तरीके से हुआ तो राज्य में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ का कार्यकाल इतिहास में दर्ज हो जाएगा। सोमवार को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने ऑनलाइन कार्य को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। वहीं पंचायतों में शिविर लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का निर्देश दिया।समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राजीव रंजन समेत अन्य मौजूद थे।
जानिए अभी लाइसेंस बनाने की क्या है प्रक्रिया ?
वर्तमान में लाइसेंस बनाना आसान नहीं है। ऐसा इस लिए कह रहा हूं कि लाइसेंस बनाने के लिए ऑनलाइन फार्म भरकर निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद विभाग के पास हार्ड कॉपी जमा कराना होता है। फिर मोबाइल पर फोटोग्राफी के लिए डेट मिलता है। यदि दलाल के संपर्क में गये तो एक मुश्त राशि , शुल्क समेत ऑफीस का कथित खर्चा देकर निश्चिंत हो जाईए। लाइसेंस मिल जाएगा। परंतु इसके जेब ज्यादा ढ़ीली करनी पड़ती है। अब पंचायतों में शिविर लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की घोषणा से गरीब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्य की महिलाओं को मुफ्त ड्राइविंग लाइसेंस देने की मांग आज भी अधूरी
पूर्व में तत्कालीन परिवहन मंत्री ने कहा था कि राज्य की महिलाओं को मुफ्त ड्राइविंग लाइसेंस मुहैया कराई जाएगी। परंतु यह पहल आज तक पूरी नहीं हुई। राज्य के मुखिया के हालिया निर्देश के बाद परिवहन विभाग आगे क्या कदम उठाता है, यह गौरतलब होगा।
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