जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के हुरलुंग पंचायत अंतर्गत मनपीटा गांव में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रविवार को ग्रामीणों ने ग्रामसभा आयोजित कर परियोजना के निर्माण कार्य का विरोध किया और तत्काल निर्माण कार्य रोकने की मांग की।
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी परिस्थिति में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि 24 अगस्त 2026 से मनपीटा में बिना ग्रामसभा की अनुमति के हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ग्रामसभा की सहमति नहीं ली गई, जिसे वे पेसा कानून के प्रावधानों की अनदेखी बता रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि मनपीटा क्षेत्र पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के अंतर्गत आता है। ऐसे में क्षेत्र में किसी परियोजना के संचालन और निर्माण में ग्रामसभा की भूमिका एवं अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब ग्रामसभा की सहमति नहीं ली गई, तो निर्माण कार्य किस आधार पर दोबारा शुरू किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में भी हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण का विरोध किया गया था। उस समय ग्रामीणों के विरोध के बाद निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि तत्कालीन उपायुक्त की ओर से उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि उक्त स्थान पर यह निर्माण नहीं कराया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पुराने आश्वासन के बावजूद दोबारा निर्माण कार्य शुरू किए जाने से उनमें भारी आक्रोश है। रविवार को आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर परियोजना का विरोध किया तथा ग्रामसभा की सहमति के बिना निर्माण कार्य नहीं होने देने का निर्णय लिया।
ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा ग्रामसभा के अधिकारों एवं पेसा कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे आगे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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