जमशेदपुर सिविल कोर्ट में 12 व घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में चार बेंच का किया गया था गठन
सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय का उचित मंच है लोक अदालतः डालसा सचिव
जमशेदपुर : राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकार (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में शनिवार को जमशेदपुर सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसमें 3 लाख, 10 हजार 643 वाद का निष्पादन किया गया. उक्त वाद के निष्पादन से राजस्व के तौर पर 36 करोड़, 93 लाख, 28 हजार 255 रुपये प्राप्त हुए. जिसमें प्रीलिटिगेशन वाद से जुड़े 2 लाख, 98 हजार 495 मामलों शामिल हैं. प्रीलिटिगेशन वाद से जुड़े मामलों के निष्पादन से 35 करोड़, 13 लाख, 96 हजार 697 रुपये समझौता के तहत प्राप्त हुआ.
इसी तरह न्यायिक बेंच के समक्ष कोर्ट में विचाराधीन कुल 12 हजार 148 वाद सुनवाई के लिए लाए गए. जिसे बेंच ने आपसी समझौते के तहत निष्पादित किया. इन विचाराधीन वादों के निष्पादन से कुल 01 करोड़, 79 लाख, 31 हजार, 558 रुपये राजस्व प्राप्त हुए. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में वादों के निष्पादन के लिए जमशेदपुर सिविल कोर्ट में 12 बेंच तथा घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में 4 बेंच का गठन किया गया था. उन्होंने कहा कि लोक अदालतें सस्ता, सुलभ तथा त्वरित न्याय के लिए लोगों को लोक अदालत जैसे मंच का सहयोग लेना चाहिए.
इससे पहले नेशनल लोक अदालत का ऑनलाइन उदघाटन धनबाद व्यवहार न्यायालय में झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा किया गया। नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायायिक पदाकारी, कोर्ट स्टाप सहित पीएलवी की सार्थक भूमिका रही।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : गो-महिमा और संस्कारों से गूंजेगा जमशेदपुर, 18 से 20 सितंबर तक होगा श्री गो कृपा कथा महोत्सव
There is no ads to display, Please add some

















































