कोलकाता : दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में माल ढुलाई के क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन जारी रखते हुए 20 सितंबर को 100 मिलियन टन माल लदान का महत्वपूर्ण आंकड़ा हासिल कर लिया। पिछले वर्ष की तुलना में इस उपलब्धि को नौ दिन पहले हासिल किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि तक 94.94 मिलियन टन माल लदान हुआ था, जबकि इस वर्ष इसमें 5.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
सितंबर में भी माल ढुलाई की रफ्तार बनी हुई है। 22 सितंबर तक दक्षिण पूर्व रेलवे का संचयी माल लदान 101.33 मिलियन टन पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 96.05 मिलियन टन था। इस तरह संचयी लदान में 5.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
माल ढुलाई में प्रमुख वस्तुओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सितंबर में कोयला लदान में 21.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि संचयी कोयला लदान 6.41 प्रतिशत बढ़ा है। स्टील के संचयी लदान में 15.98 प्रतिशत और लौह अयस्क के लदान में 7.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
डिवीजनों की बात करें तो चक्रधरपुर मंडल ने प्रमुख योगदान दिया। यहां 75.89 मिलियन टन माल लदान हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह 70.97 मिलियन टन था। इसमें 6.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं, खड़गपुर मंडल ने 12.48 मिलियन टन माल लदान किया, जो पिछले वर्ष के 12.06 मिलियन टन की तुलना में 3.44 प्रतिशत अधिक है।
रेलवे के अनुसार, 100 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल होना और प्रमुख माल श्रेणियों में लगातार वृद्धि दक्षिण पूर्व रेलवे के मजबूत माल ढुलाई प्रदर्शन को दर्शाती है।
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