- हर दिन 400 मिलियन डॉलर का नुकसान, अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
- कांग्रेस में गतिरोध से सरकारी कामकाज ठप, दोनों दलों में आरोप-प्रत्यारोप तेज
यूएस : अमेरिका में लगभग सात साल बाद एक बार फिर सरकारी कामकाज शटडाउन की वजह से ठप हो गया है। रिपब्लिकन सांसदों ने 21 नवंबर तक सरकार को अस्थायी तौर पर फंड देने के लिए एक विधेयक पेश किया था, लेकिन वह पास नहीं हो सका। मतदान में 55-45 के अंतर से यह प्रस्ताव गिर गया, जबकि इसे पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की आवश्यकता थी। परिणामस्वरूप लाखों अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रुक गई है और आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा है। यह स्थिति सीधे तौर पर कांग्रेस में दोनों दलों के बीच टकराव का परिणाम मानी जा रही है।
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कांग्रेस में गतिरोध के कारण शटडाउन कैसे हुआ
इस राजनीतिक संकट के लिए अमेरिकी आवास एवं शहरी विकास विभाग ने “कट्टरपंथी वामपंथ” को ज़िम्मेदार ठहराया है। विभाग की वेबसाइट पर डाले गए संदेश में दावा किया गया कि वामपंथी 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग पूरी न होने तक सरकार को बंद रखेंगे। हालांकि उपभोक्ता संगठन ‘पब्लिक सिटीजन’ ने इसे संघीय कानून का उल्लंघन बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस बीच सोशल मीडिया पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। डेमोक्रेट्स ने जहां स्वास्थ्य सेवाओं पर कटौती का मुद्दा उठाया है, वहीं रिपब्लिकन सरकार ठप होने के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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वामपंथ और रिपब्लिकन में टकराव, सोशल मीडिया पर जुबानी जंग
कांग्रेस के बजट कार्यालय (CBO) के अनुसार इस शटडाउन से अमेरिकी सरकार को हर दिन लगभग 400 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा। करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को ‘फ़र्लो’ पर भेजा जाएगा, यानी उन्हें काम से अस्थायी रूप से बाहर कर दिया जाएगा। शटडाउन खत्म होने के बाद भले ही उन्हें पिछला वेतन मिल जाएगा, लेकिन इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। निजी क्षेत्र में मांग घटने, अनुबंधों के रद्द होने और भुगतान में देरी जैसी चुनौतियाँ अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुँचा सकती हैं। ट्रम्प प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान 2018-19 में हुए शटडाउन से भी अमेरिकी जीडीपी को 3 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था।
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