झाड़ग्राम स्टेशन के विकास, ट्रेनों के विलंब, बंद ट्रेनों की बहाली और ठहराव से जुड़े सवालों पर रखा रेलवे का पक्ष
झाड़ग्राम : प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान रखने वाले झाड़ग्राम में रेलवे स्टेशन की सुविधाओं और ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन का मुद्दा महत्वपूर्ण है। यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के साथ स्थानीय यात्रियों की आवाजाही भी रेलवे पर निर्भर है। ऐसे में ट्रेनों की लेटलतीफी उनकी यात्रा को प्रभावित करती है। झाड़ग्राम रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। हालांकि, स्टेशन के बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ रेल सेवाओं को अधिक नियमित और सुविधाजनक बनाना भी जरूरी है। खड़गपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह जनसंपर्क अधिकारी निशांत कुमार ने इस संवाददाता से बातचीत के दौरान झाड़ग्राम स्टेशन के विकास, ट्रेनों के विलंब, बंद ट्रेनों की बहाली और ठहराव से जुड़े सवालों पर रेलवे का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि झाड़ग्राम दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल का महत्वपूर्ण स्टेशन है और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहां विकास कार्य शुरू हो चुका है। रेलवे का इस स्टेशन पर विशेष ध्यान है।
निशांत कुमार ने कहा कि झाड़ग्राम एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहां विकास कार्य शुरू हो चुका है और रेलवे की अन्य परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। झाड़ग्राम पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ऐसे में स्टेशन पर बेहतर यात्री सुविधाएं, सुगम आवागमन और ट्रेनों का समय पर परिचालन जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी अहम हैं। पर्यटक अपनी यात्रा की योजना ट्रेनों की समय-सारिणी के अनुसार बनाते हैं। ट्रेनें देर से चलने पर उनके पर्यटन कार्यक्रम, स्थानीय स्थलों तक पहुंचने और वापसी की यात्रा पर असर पड़ सकता है। इसलिए स्टेशन के विकास के साथ रेल सेवाओं की समयबद्धता भी महत्वपूर्ण है।
इस्पात एक्सप्रेस और जनशताब्दी एक्सप्रेस के विलंब से परिचालन के सवाल पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने के लिए अतिरिक्त स्पेयर रैक की आवश्यकता है। इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है। अतिरिक्त रैक उपलब्ध होने पर परिचालन को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने और ट्रेनों के विलंब को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
ट्रेनों की लेटलतीफी का असर केवल दैनिक यात्रियों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि पर्यटन के उद्देश्य से झाड़ग्राम आने वाले लोगों को भी असुविधा होती है। ऐसे में समयबद्ध रेल सेवा स्थानीय यात्रियों की सुविधा के साथ पर्यटन गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कोविड काल में चलने वाली कुछ ट्रेनों के बंद होने और उन्हें दोबारा शुरू करने की मांग पर निशांत कुमार ने कहा कि यात्री संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से समय-समय पर सुझाव प्राप्त होते हैं। रेलवे इन सुझावों पर संज्ञान लेकर उन्हें रेलवे बोर्ड तक पहुंचाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी ट्रेन को दोबारा शुरू करने या किसी स्टेशन पर ठहराव देने का अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड के स्तर पर लिया जाता है। स्थानीय स्तर पर मिलने वाले सुझावों और मांगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाता है। झाड़ग्राम स्टेशन पर अन्य स्टेशनों की तुलना में विकास कार्यों की गति धीमी होने के सवाल पर निशांत कुमार ने कहा कि खड़गपुर मंडल के सभी स्टेशनों पर विकास कार्य चल रहे हैं। कुछ स्टेशनों पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है। बारिश के कारण भी कई जगह निर्माण कार्य प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि रेलवे सभी स्टेशनों के विकास पर ध्यान दे रहा है और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। झाड़ग्राम की पहचान पहले से ही एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में है। ऐसे में रेलवे स्टेशन का विकास यहां आने वाले पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। स्टेशन पर सुविधाओं के विस्तार के साथ ट्रेनों की समयबद्धता, सुविधाजनक ठहराव और बेहतर रेल संपर्क पर भी ध्यान देना जरूरी है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों से झाड़ग्राम स्टेशन की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। अब यात्रियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि स्टेशन के विकास के साथ रेल सेवाओं में भी कितना सुधार होता है।
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