जमशेदपुर: बहुभाषीय साहित्यिक संस्था “सहयोग” द्वारा आयोजित होली मिलन कार्यक्रम तुलसी भवन के चित्रकूट कक्ष में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने मिलकर ढेर सारी मस्ती की और रंगों में सराबोर हुए. कार्यक्रम की शुरुआत में सदस्यों का स्वागत भिंडी, टमाटर, मूली, बैगन जैसी सब्जियों की मालाओं से किया गया.
स्वागत में गालियों और हंसी का तड़का
इस विशेष अवसर पर सुधा गोयल और डॉ. जूही समर्पिता ने कार्यक्रम में मौजूद सभी सखियों को स्वागत करते हुए उन्हें खूब गाली सुनाई और “बुरा न मानो होली है” के साथ सभी को गले लगाया. जयश्री के रंग-बिरंगे गुलाल और रंगों ने सभी के गाल लाल कर दिए और माहौल रंगीन हो गया.
संगीत और नृत्य से भरा रंगीन माहौल
दही बड़ा, पुआ और जूस के रंग में रंगे हुए सदस्यों ने शानदार ठुमके लगाए और मजेदार अभिनय प्रस्तुत किए. डॉ. रागिनी भूषण ने हर सदस्य के व्यक्तित्व के अनुरूप पंक्तियाँ लिखीं और उन्हें गाकर समर्पित किया. इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. मुदिता चंद्रा ने सदस्यों को हंसी का तोहफा देते हुए मजेदार चुटकुले सुनाए.
व्यंग्य रचनाएँ और होली के गीतों का संगम
कार्यक्रम में व्यंग्यकार ललन शर्मा ने अपनी खास व्यंग्य रचनाएँ सुनाईं, जिन्हें सुनकर सभी ने खूब आनंद लिया. नीलाम्बर चौधरी ने होली के गीत गाकर माहौल को और भी रंगीन बना दिया. साथ ही, सचिन, विद्या तिवारी और ममता करण ने होली के लोकगीत गाकर सभी का मन मोह लिया.
नृत्य और कला का अद्भुत प्रदर्शन
डॉ. शालिनी प्रसाद सिंह ने होली के गीत के साथ खूबसूरत कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा. इस अद्भुत प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए. कार्यक्रम में डॉ. संध्या सिन्हा, डॉ. पुष्पा कुमारी, मंजू, पुष्पांजलि मिश्रा, माधुरी मिश्रा, शकुंतला पाठक, डॉ. लक्ष्मी झा, मुकेश रंजन, नीता सागर ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे एक यादगार शाम बना दिया.
अंतिम धमाका – ‘रंग बरसे’ का नाच
कार्यक्रम का समापन अनुज सिंहा के प्रसिद्ध गीत “रंग बरसे” के साथ हुआ, जिससे सभी को नाचने पर मजबूर कर दिया. इस खूबसूरत और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ, और सभी ने मिलकर होली की मस्ती और रंगों का भरपूर आनंद लिया.
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