चाईबासा: जिला सह संयोजक जनजाति सुरक्षा मंच के हरिचरण सांडिल ने उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को एक पत्र भेजकर अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के अवैध धर्मांतरण की जानकारी दी है. उनका कहना है कि जगन्नाथपुर अनुमंडल के हेस्सापी गाँव में 12 अनुसूचित जनजाति परिवारों को पादरी द्वारा अवैध रूप से ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया है.
चर्च निर्माण पर आपत्ति
हरिचरण सांडिल ने आरोप लगाया है कि बिना ग्राम सभा और प्रशासनिक अनुमति के आदिवासी भूमि पर अवैध रूप से चर्च का निर्माण किया गया है. यह कदम आदिवासियों की संस्कृति और परंपरा के लिए खतरा उत्पन्न कर रहा है. हेस्सापी गाँव अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्र है, जहां इस प्रकार के अवैध धर्मांतरण से स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है.
कानूनी कार्रवाई की मांग
हरिचरण सांडिल ने कहा कि अब तक स्थानीय जगन्नाथपुर थाना में झारखंड धर्म स्वतंत्र कानून 2017 के तहत पादरी के खिलाफ कोई एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई है. उन्होंने उपायुक्त से अपील की है कि स्थानीय थाना में मामला दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
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