चांडिल: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले के भवानीपुर गांव का एक आठ माह का मासूम बच्चा गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा था। उसके सिर का आकार असामान्य रूप से बड़ा हो गया था।
गरीबी के कारण परिवार इलाज करवाने में असमर्थ था। लाखों रुपये की जरूरत ने पिता को पूरी तरह बेबस कर दिया था।

समाजसेवी गौरांगो दत्ता बने उम्मीद की किरण
परिवार की इस तकलीफ की जानकारी जब चांडिल अनुमंडल के समाजसेवी एवं पंचायत समिति प्रतिनिधि गौरांगो दत्ता को मिली, तो उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले को संज्ञान में लिया।
गौरांगो दत्ता ने रांची स्थित रिम्स के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर विकास कुमार से संपर्क किया। डॉक्टर ने बिना देरी के बच्चे को रिम्स लाने का आग्रह किया और निशुल्क इलाज का आश्वासन दिया।
रांची रिम्स में हुआ सफल ऑपरेशन
बच्चे को रांची रिम्स में भर्ती कराया गया। सभी आवश्यक जांच के बाद न्यूरोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने सर्जरी की प्रक्रिया शुरू की।
डॉक्टरों की टीम द्वारा सावधानीपूर्वक की गई सर्जरी सफल रही और अब बच्चा स्वस्थ है। यह सर्जरी गरीब परिवार के लिए एक चमत्कार से कम नहीं।
परिवार ने जताया आभार
परिवार ने समाजसेवी गौरांगो दत्ता एवं डॉक्टर विकास कुमार के प्रति गहरा आभार प्रकट किया।
उनका मानना है कि यदि समय पर मानवीय पहल नहीं होती, तो बच्चे की जान बचाना मुश्किल था।
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