जमशेदपुर: प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी नए जिलाध्यक्षों की सूची ने पूर्वी सिंहभूम में विवाद खड़ा कर दिया है। जिले के कुछ असंतुष्ट नेता और कार्यकर्ता संगठन की नियुक्तियों में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठा रहे हैं।
पिछले दिनों पूर्वी सिंहभूम जिला में नए जिलाध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के कार्यक्रम के दौरान गांधी घाट पर जिला उपाध्यक्ष बबलू झा, जिला महासचिव अमित दुबे और जिला सचिव अजितेश उज्जैन के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। उनका आरोप था कि संगठन सृजन अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक की अंतिम सूची की अनदेखी की गई। इसके अलावा, बबलू झा ने चेतावनी दी कि यदि सूची सार्वजनिक नहीं की गई, तो वे आत्मदाह तक करने को तैयार हैं।
कल प्रदेश कांग्रेस कमिटी के बुलावे पर असंतुष्ट खेमें ने जिला उपाध्यक्ष बबलू झा, जिला महासचिव अमित दुबे, जिला सचिव अजितेश उज्जैन और दर्जनों अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में प्रदेश प्रभारी राजू से मुलाकात की। झारखंड दौरे पर मौजूद प्रदेश प्रभारी ने जिलाध्यक्ष नियुक्ति से जुड़ी सभी शिकायतों को गौर से सुना और आश्वासन दिया कि ये मुद्दे आलाकमान तक पहुंचाए जाएंगे और जल्द समाधान निकाला जाएगा।
मीडिया से बातचीत में बबलू झा ने कहा कि प्रदेश प्रभारी ने सभी पक्षों को समय देकर उनकी बातों को समझा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस विवाद का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा और संगठन में संतुलन बनाए रखा जाएगा।

पूर्व कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने की कांग्रेस में वापसी
पूर्व कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह को झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रदेश कार्यालय रांची में कांग्रेस का पट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस कदम से पार्टी में फिर से सक्रियता और जोश लौटने की उम्मीद जगी है।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता के के शुक्ला, भारत यात्री अमरजीत नाथ मिश्रा और वरिष्ठ नेता उदय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने जितेंद्र सिंह का स्वागत करते हुए उनकी पार्टी में वापसी को अहम बताया।
जितेंद्र सिंह की वापसी से प्रदेश कांग्रेस में नए जोश और संगठनात्मक मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी नेतृत्व ने इसे रणनीतिक मजबूती का संकेत भी माना।
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