जमशेदपुर: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता जय प्रकाश पांडेय ने कहा है कि बरकाकाना रेलवे स्टेशन की जमीन पर पिछले लगभग 60 वर्षों से बसे लोगों को बिना पुनर्वास के उजाड़ना गैरकानूनी है।
पांडेय ने बताया कि इस जमीन पर करीब 1000 लोग रहते हैं और 75 से अधिक दुकानें व मकान बनाकर लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन द्वारा अचानक नोटिस जारी कर जगह खाली करने को कहना जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि अमृत रेलवे विकास भारत यात्रा के दौरान बरकाकाना स्टेशन को विकास परियोजना के लिए चुना गया है और इसके लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी बताया गया है। लेकिन विकास के नाम पर विनाश उचित नहीं है। पांडेय ने स्पष्ट कहा कि पहले बसाने की व्यवस्था की जाए, तभी विस्थापन हो सकता है।
पांडेय ने तर्क दिया कि जब ये लोग जमीन पर बसे थे, तब रेलवे प्रशासन की देखरेख में ही बसाए गए थे। अब अचानक इन्हें अवैध निवासी बताना अनुचित है। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून भी कहता है कि यदि कोई व्यक्ति 40 वर्षों से अधिक समय तक किसी भूमि पर रह रहा हो, तो बिना पुनर्वास के उसे हटाया नहीं जा सकता।
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