जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने की. समीक्षा का फोकस अनाबद्ध निधि, सांसद/विधायक निधि (एमपी-एमएलए फंड), जिला खनिज निधि (डीएमएफटी), कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर), पर्यटन एवं तकनीकी विभाग के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं पर रहा.
समयसीमा में पूर्ण हो योजनाएं, गुणवत्ता रहे प्राथमिकता
बैठक में विभागवार योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई. उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अधूरी योजनाएं तय समयसीमा में पूर्ण की जाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी योजनाएं सीधे जनता के जीवन से जुड़ी हैं — जैसे स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी भवन, सड़क, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन आदि — और इनका लाभ एक बड़े वर्ग को मिलता है. अतः कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से संपन्न करना आवश्यक है.
जहां शिलान्यास नहीं, वहां कार्य शीघ्र शुरू करें
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ योजनाएं अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं, क्योंकि उनमें एकरारनामा या शिलान्यास की प्रक्रिया अधूरी है. ऐसे मामलों में सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ कराएं. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संवेदक अपने कार्यों को अनुबंध के अनुरूप करें.
मानसून से पहले तेजी लाएं कार्यों में
उप विकास आयुक्त ने निर्देशित किया कि बरसात से पूर्व जिन योजनाओं को पूर्ण किया जा सकता है, उन पर प्राथमिकता से कार्य हो. जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, नए भवनों का निर्माण, पुल-पुलिया व सामुदायिक भवनों के कार्यों में गति लाने को कहा गया. साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं को समय पर संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए गए.
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता भगीरथ प्रसाद, जिला योजना पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सहित सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
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