रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने करमटोली स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में 520 शैय्या वाले अनुसूचित जनजाति बहुमंजिला छात्रावास निर्माण का भूमि पूजन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि झारखंड के हर विद्यार्थी को बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं.
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल और कॉलेज की शिक्षा में नए आयाम जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है. यह छात्रावास उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.
शिक्षा की परिकल्पना हो रही साकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी कल्याण छात्रावासों के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया है. करमटोली परिसर में बन रहा यह बहुमंजिला छात्रावास हमारी उसी परिकल्पना का मूर्त रूप है. उन्होंने कहा कि जिस दिन यह छात्रावास पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा और गरीब आदिवासी छात्र इसमें प्रवेश लेंगे, वही दिन असली संतोष का होगा. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें. सरकार उनकी हर चिंता का समाधान करेगी. उन्होंने कहा कि छात्रावास में तीनों समय का पौष्टिक भोजन, रसोईया, चौकीदार और पठन-पाठन से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. अब विद्यार्थियों को घर से राशन लाने की आवश्यकता नहीं होगी.
प्रतियोगिता परीक्षाओं में भी मिल रहा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का युग है, इसलिए सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थियों को हर स्तर पर सहयोग दे रही है. ‘गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत बिना किसी गारंटी के 15 लाख रुपए तक का ऋण छात्रों को दिया जा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा में आने वाली आर्थिक बाधाओं को पार कर सकें.
सरकारी शिक्षा संस्थानों को बनाया जा रहा सशक्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की आधारभूत संरचनाओं को सशक्त बना रही है. अब ये संस्थान निजी स्कूलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं. आने वाले समय में ऐसे और संस्थान खोले जाएंगे, जो गरीब लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों की आशा का केंद्र बनेंगे.
हर जिले में खुलेगा भव्य पुस्तकालय
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सभी जिलों में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर भव्य पुस्तकालय खोले जाएंगे. इनमें सभी विषयों की पुस्तकें और पत्रिकाएं उपलब्ध होंगी. उन्होंने कहा कि राज्य में अध्ययन का बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए सरकार और भी कई पहलें करेगी. इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, सचिव कृपानंद झा, सचिव अरवा राजकमल और आदिवासी कल्याण आयुक्त अजय नाथ झा मौजूद थे.
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