- हाथियों की सुरक्षित आवाजाही और मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए उपायों पर हुई चर्चा
- टेक्नोलॉजी और समन्वय से मानव–हाथी संघर्ष में आएगी कमी
खड़गपुर : खड़गपुर डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे पहचाने गए हाथी गलियारों में हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन और वन विभाग के बीच उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए निवारक और शमन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इस दौरान रेलवे लाइनों के आसपास हाथियों की आवाजाही से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई और सक्रिय निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी तंत्र, फील्ड स्टाफ की संवेदनशीलता बढ़ाने पर सहमति बनी।
इसे भी पढ़ें : Ranchi : झारखंड में छात्रवृत्ति आंदोलन को लेकर अब चलेगा डिजिटल ट्विटर अभियान
रेल–वन समन्वय से हाथियों की सुरक्षा बढ़ेगी
अधिकारियों ने बताया कि खड़गपुर डिवीजन ने पहचाने गए हाथी गलियारों में रेलवे ट्रैक के पार वन्यजीव क्रॉसिंग विकसित करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है, जिससे हाथियों के सुरक्षित आवागमन में मदद मिलेगी और दुर्घटनाओं का जोखिम घटेगा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि लोको पायलट, गार्ड सहित रनिंग स्टाफ को नियमित रूप से संवेदनशील किया जा रहा है और हाथी गलियारों से गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में गति प्रतिबंध, प्रभावी संचार और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर विशेष जोर दिया गया।
हाथी गलियारों के पास सुरक्षा मानक कड़े किए जाएंगे
बैठक में ट्रैक के पास हाथियों की मौजूदगी का समय रहते पता लगाने के लिए निगरानी प्रणाली, सेंसर, प्रारंभिक चेतावनी उपकरण और अन्य तकनीक-आधारित समाधानों के उपयोग पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक, खड़गपुर, ललित मोहन पांडे ने की। रेलवे की ओर से एडीआरएम संचालन मनीषा गोयल, एडीआरएम बुनियादी ढांचा देबजीत दास, वरिष्ठ डीईएन और वरिष्ठ डीओएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वन विभाग की टीम का नेतृत्व मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी सर्किल, डॉ. एस. कुलंदाइवेल ने किया, जिनके साथ डीएफओ झाड़ग्राम, डीएफओ रूपनारायणपुर और डीएफओ खड़गपुर भी शामिल थे।