जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन एजेंसी एवं सिविल डिफेंस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी मानसून और आकस्मिक आपदाओं से निपटने हेतु सामूहिक तैयारी और त्वरित राहत वितरण की रणनीति पर चर्चा की गई। उपायुक्त सत्यार्थी ने निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता ही राहत प्रयासों की सफलता की कुंजी है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, अग्निकांड, चक्रवात, साथ ही सड़क दुर्घटनाएं और जलाशयों में डूबने की घटनाएं—इनसे पीड़ित नागरिकों को समय पर सहायता पहुँचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
आंकलन, चिन्हांकन और तैयारी के निर्देश
डूब वाले क्षेत्रों का सर्वे कर वहां रह रहे नागरिकों और घरों की पहचान की जाए.
सड़क के हॉटस्पॉट और गहरे जलाशयों पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं.
नागरिक सुरक्षा टीमों को प्रशिक्षित कर उनके कार्य को अधिक प्रभावी बनाया जाए.
जलजनित बीमारियों से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग व नगर निकाय संयुक्त अभियान चलाएं.
बैठक में स्पष्ट किया गया कि आपदा प्रबंधन का उद्देश्य केवल राहत नहीं, बल्कि क्षति को न्यूनतम रखना भी है। इसके लिए बचाव पूर्व तैयारी, स्वतंत्र सूचना तंत्र और समर्पित कार्यबल का गठन आवश्यक है।
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