जमशेदपुर: आज 28 फरवरी को जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर भारतीय भौतिक विज्ञानी सर सीवी रमन की महान खोज रमन इफेक्ट को याद किया गया और एक सप्ताह तक चलने वाले विज्ञान उत्सव का समापन किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत और जागरूकता अभियान
इस उत्सव की शुरुआत 22 फरवरी को एक जागरूकता अभियान के साथ हुई, जिसमें छात्रों को विज्ञान के प्रति जागरूक किया गया. इस दौरान निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जहां छात्रों ने अपने लेखन और प्रस्तुति कौशल का शानदार प्रदर्शन किया. विषय आधारित निबंध, पोस्टर और मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों के संचार और प्रस्तुति कौशल का आकलन किया गया.
वैज्ञानिक मॉडल और पर्यावरण पर ध्यान
भौतिकी विभाग के छात्रों ने एक वैज्ञानिक मॉडल तैयार किया, जो टर्बो जेट इंजन और सौर ऊर्जा प्रणाली पर आधारित वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को दर्शाता था. इस मॉडल ने पर्यावरण और विज्ञान के प्रति छात्रों की रुचि को और बढ़ाया. समारोह के अंतिम दिन, प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महालिक ने छात्रों को समाज में फैले अंधविश्वास और जादू-टोने के रहस्यों को विज्ञान के माध्यम से समझाने का प्रयास किया. यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा.
माइम प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी
इसके अलावा, भूगोल और रसायन विभाग के छात्रों ने मिलकर विज्ञान की प्रगति को दर्शाने के लिए एक माइम का मंचन किया, जिसे प्रोफेसर डॉ. सुरभी सिंहा ने सफलतापूर्वक संचालित किया. साइकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. वजदा और डॉ. संगीता ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए छात्रों को कार्यक्रम में जोड़े रखा.
IQAC समन्वयक का संदेश
IQAC समन्वयक प्रोफेसर प्रियंका प्रधान ने इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे विज्ञान के प्रति अपने दृष्टिकोण को और बेहतर बना सकें. इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को वैश्विक विज्ञान के आदर्शों से अवगत कराया गया और उन्हें वैश्विक भलाई के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया. यह समाराेह निश्चित रूप से छात्रों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत साबित हुआ.
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