रामगढ़: 9 सितंबर 2024 को वात्सल्या धाम बालगृह रामगढ़ के हाउस फादर को सूचना प्राप्त हुई कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक कोठार ओवरब्रिज के पास खड़ा है। फिर हाउस फादर द्वारा संरक्षण पदाधिकारी संस्थागत देखभाल दुखहरण महतो को इसकी सूचना दी गई। इसके पश्चात चाइल्ड लाइन रामगढ़ के सदस्यों द्वारा तत्काल बच्चों को वात्सल्या धाम बालगृह पहुंचाया गया। दिनांक 10 सितंबर 2024 को मूकबधिर बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बालक को बाल गृह में आश्रय दिया गया
बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बालक को बाल गृह में आश्रय दिया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई रामगढ़ द्वारा बच्चों के गुमशुदगी की फोटो युक्त तस्वीर अखबार में प्रकाशित की गई। तत्पश्चात बालक का आधार कार्ड बनवाने के क्रम में आरती पंकज यूआईडी प्रभारी द्वारा बालक के पूर्व से बनी आधार विवरणी उपलब्ध कराई गई। उपलब्ध विवरणी के आधार पर रामगढ़ अंतर्गत भुरकुंडा क्षेत्र में संरक्षण पदाधिकारी द्वारा विनोद किस्कु नामक व्यक्ति से संपर्क किया गया जो बालक के घर से चार-पांच किलोमीटर दूर रहता है। उनके द्वारा परिजन से संपर्क किया गया जिसके कारण दिनांक 21 अप्रैल 2025 को प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा श्री रविंद्र कुमार गुप्ता, जिला योजना पदाधिकारी संतोष भगत, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष कैलाश कुमार, बाल संरक्षण पदाधिकारी शांति बागे, संरक्षण पदाधिकारी संस्थागत देखभाल दुखहरण महतो के द्वारा बालक की माता को सुपुर्द किया गया। बच्चा अपनी मां को पाकर काफी खुश था।
इसे भई पढ़ें : BJP का मिशन बिहार : सीट शेयरिंग का फॉर्मुला लगभग तय, चिराग-मांझी को मिल सकती हैं इतनी सीटें
There is no ads to display, Please add some



















































