सरायकेला: नीमडीह प्रखंड में समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों के बीच चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस आयोजन में 25 दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया और सभी बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया. यह आयोजन दिव्यांग बच्चों के लिए समाज में समावेशिता और समान अवसरों की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ.
कार्यक्रम का उद्देश्य और उद्देश्य की सफलता
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहित करना और उन्हें समाज में मुख्यधारा से जोड़ना था. इस कार्यक्रम में भाग लेकर बच्चों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिला. कई शिक्षिकाओं और शिक्षकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित किया.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों की दिशा में
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप था, जो समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देती है. समावेशी शिक्षा का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के समान अवसर देना है ताकि वे अपने जीवन में सफल हो सकें. इस तरह के आयोजनों से दिव्यांग बच्चों को अपनी पहचान बनाने का और समाज में सम्मान प्राप्त करने का एक मंच मिलता है. कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति और शिक्षक उपस्थित थे, जिनमें नेहा मछुआ (यूएमएस रघुनाथपुर), संजीत महली (यूएमएस सिमा), आमिर महतो, सर्जन कुमार, हेमंती सिंह, पूर्णिमा महतो, और अन्य कई लोग शामिल थे. इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली और प्रेरणादायक बना दिया.
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