जमशेदपुर: गुरुवार को बिस्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में नागरिक सुरक्षा जमशेदपुर (सिविल डिफेंस) द्वारा “आपदा में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम में जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, लेकिन किसी आवश्यक कार्य के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके. उनके अनुपस्थिति में डीडीसी अनिकेत सचान मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर सिटी एसपी कुमार शुभाशीष, डालसा सचिव राजेन्द्र प्रसाद, एसडीओ धालभूम सह उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा जमशेदपुर श्रीमती शताब्दी मजुमदार सहित कई अन्य गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. उन्हें पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. इसके बाद दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया.
युवाओं की भूमिका पर विचार
कार्यक्रम में अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के दौरान युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने बताया कि युवाओं में ऊर्जा, साहस और नई तकनीकों का ज्ञान होता है, जो आपदा प्रबंधन में उनकी सक्रिय भागीदारी को संभव बनाता है.
आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण
सिविल डिफेंस के प्रशिक्षकों ने आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यशाला में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड, एनवाईके, डालसा पीएलवी, मिराकी, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी और सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे आपदा के समय प्रशासन के साथ मिलकर जन-जन की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे. कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सुरुचि भोजन का आनंद लिया.
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