बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट के एसएमएस-2 सेक्शन में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि हॉट मेटल चार्जिंग के दौरान अचानक धातु का पिघला हिस्सा तीन कर्मचारियों पर गिर गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद अफरातफरी मच गई और घायल कर्मियों को तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक कर्मचारी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है जबकि दो अन्य का इलाज जारी है।
घटना के बाद कर्मचारियों में आक्रोश और भय का माहौल है। श्रमिकों का कहना है कि यह पहला हादसा नहीं है। बीते कुछ महीनों में भी प्लांट में कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी देखने को मिली है, लेकिन प्रबंधन ने अब तक ठोस कदम नहीं उठाए। एक कर्मचारी ने कहा, “हम रोज इसी जगह पर काम करते हैं, लेकिन उपकरण पुराने हैं और सुरक्षा के उपाय कमजोर हैं।”
हादसे के कई घंटे बीत जाने के बाद भी प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया। इस पर कर्मचारियों के परिजनों और स्थानीय संगठनों ने नाराजगी जताई है। सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष कुमार ने कहा, “बोकारो स्टील प्लांट देश की शान है, लेकिन अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही अस्वीकार्य है। अब समय आ गया है कि सुरक्षा नीतियों की समीक्षा की जाए।”
सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि हादसा प्लांट के अंदर हुआ है। तीन मजदूर झुलसे हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर सहयोग करेगी।
बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने इस हादसे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा, “स्टील प्लांट में ऐसी दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हैं। यह प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है। मशीनों का रखरखाव समय पर नहीं किया जा रहा। मैं इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करती हूं।”
गौरतलब है कि कोविड महामारी के दौरान बोकारो स्टील प्लांट ने देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर अहम योगदान दिया था। लेकिन अब वही प्लांट अपने ही कर्मचारियों के लिए खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि केवल बयानबाजी से कुछ नहीं होगा — सुरक्षा उपायों में तत्काल सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
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