गुवा: सारण्डा वन प्रमण्डल में अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर ग्राम नुईया में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वन क्षेत्र पदाधिकारी परमानंद रजक और उनकी टीम ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ग्रामीण मुण्डा दुरसू चाम्पिया एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम का उद्देश्य वनों की सुरक्षा और संवर्धन के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था.
वन संरक्षण और संवर्धन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्र पदाधिकारी परमानंद रजक ने वनों की सुरक्षा और संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की बात की. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन अग्नि से वनों को बचाएं, लघु वनोपज का लाभ उठाएं और पेड़ों की अन्धाधुंध कटाई से बचें. इसके साथ ही, उन्होंने वन विभाग के साथ मिलकर वनों की सुरक्षा में योगदान देने का आह्वान किया.
ग्रामीणों को जागरूक किया गया
ग्रामीण मुण्डा दुरसू चाम्पिया ने अपने संबोधन में वनों की महत्ता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया. उन्होंने बताया कि वनों का संरक्षण सभी के लिए आवश्यक है और इसके लिए हर किसी को मिलकर काम करना होगा.
पौधारोपण और सामग्री वितरण
कार्यक्रम के दौरान नीम और करंज प्रजाति के पौधे लगाए गए, जिन्हें वन पदाधिकारी और ग्रामीणों ने मिलकर रोपा. साथ ही, कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न सामग्री प्रदान की गई. इनमें सिलाई मशीन, टॉर्च, ड्रम, महुआ नेट जैसे सामान शामिल थे, जो ग्रामीणों की दैनिक जीवन में मददगार होंगे.
जलपान और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों के साथ जलपान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले ग्रामीणों ने खुशी जताई और वन विभाग की इस पहल की सराहना की. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें वन क्षेत्र पदाधिकारी परमानंद रजक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
इस कार्यक्रम ने वनों के संरक्षण और ग्रामीण समुदाय को इसमें शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया.
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