Chandil: कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां आजादी के बाद से ही पक्की सड़क नहीं बनी है। यहां आदिम जनजाति सबर समुदाय के परिवार के लोग रहते हैं , जो पहाड़ी और दुर्लभ जगह है । मकान , सड़क, बिजली, शुद्ध पानी, स्वास्थ्य केंद्र, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।भीषण गर्मी में शुद्ध पानी के लिए तरसता हे। जंगल पर निर्भर रहता है। इन परिवारों ने कई बार जिला प्रशासन, मंत्री, विधायक, सांसद से शिकायत की है, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया है। चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद कोई भी उनकी स्थिति की जांच नहीं करता है। यह परिवार आज भी ईश्वर की भरोसे जीने को मजबूर हैं। पोटका प्रखंड के झरिया सबर टोला में ऐसे ही परिवारों की स्थिति देखी जा सकती है। राज्य सरकार की अनदेखी के कारण यह परिवार विलुप्त के कगार पर ।

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