सरायकेला: सरायकेला प्रखंड के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मंगलवार को मां मंगला उषा पूजा पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई. विशेषकर राजबांध और नोरोडीह गांव में इस अवसर पर विशेष आयोजन किए गए. सुबह-सवेरे श्रद्धालु नदी व तालाबों के घाटों पर एकत्र हुए. स्नान-ध्यान के पश्चात विधिवत पूजा कर मां मंगला से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई. इसके बाद गाजे-बाजे के साथ मां मंगला उषा की घट यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु झूमते-गाते हुए सहभागी हुए.
फूल, फल और बलि के साथ पारंपरिक अर्पण
घर लौटकर श्रद्धालुओं ने जंगली फूलों, मौसमी फलों और पारंपरिक बलि जैसे मुर्गा, बतख, कबूतर व बकरी चढ़ाकर पूजा अर्चना की. मान्यता है कि इस विधि से मां मंगला शीघ्र प्रसन्न होती हैं और मन्नतें पूर्ण करती हैं.
श्रद्धालुओं की भीड़ और देर शाम तक चला अनुष्ठान
पूजा स्थल पर आसपास के गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. सभी ने विधिपूर्वक पूजा की और परंपरा के अनुसार बलि दी. देर शाम तक पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया. पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं के चेहरों पर विशेष उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिला.
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