जमशेदपुर: ब्राह्मण शक्ति संघ के तत्वावधान में हयूम पाइप स्थित केन्द्रीय कार्यालय में अमर शहीद मंगल पांडे की 168वीं बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. संघ ने इस दिन को कृति दिवस के रूप में मनाया, जिसमें शहीद मंगल पांडे के क्रांतिकारी योगदान और बलिदान को स्मरण करते हुए देश के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को जागृत किया गया.
“मंगल पांडे का जीवन, हर छात्र की किताब में होना चाहिए” – डॉ. पवन पांडे
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण शक्ति संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. पवन पांडे ने कहा कि मंगल पांडे जैसे वीर सपूतों का इतिहास केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उसे जीवन में आत्मसात करने के लिए है. उन्होंने कहा कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले ऐसे महानायक का जीवनचरित्र स्कूलों के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए.
डॉ. पांडे ने कहा, “मंगल पांडे ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जो पहला क्रांतिकारी कदम उठाया, उसी दिन से उनके पतन की शुरुआत हो चुकी थी. उन्होंने अपने प्राण देकर यह संदेश दिया कि देश की आज़ादी से बढ़कर कुछ नहीं होता.”
“देश सर्वोपरि” की भावना को जागृत करता है बलिदान दिवस
डॉ. पांडे ने बलिदान दिवस को “देश सर्वोपरि” की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह सीखना चाहिए कि जब बात देश की हो, तो बाकी सभी चीज़ें गौण हो जाती हैं. मंगल पांडे का जीवन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे अकेला व्यक्ति भी इतिहास की धारा को मोड़ सकता है.
श्रद्धा और गर्व से झुके शीश
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अशोक पांडे, रामानुजन चौबे, उमलेश पांडे, संजय दूबे और चंद्र प्रकाश शुक्ला उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में मंगल पांडे के बलिदान को नमन किया और भारत माता की जय के जयघोष से वातावरण को गूंजायमान कर दिया.
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