झाड़ग्राम: बालिचक पुस्तक मेला समिति की पहल पर बालिचक स्कूल मैदान में सात दिवसीय पुस्तक मेले 2025 का आयोजन किया गया. इस साहित्यिक आयोजन का उद्घाटन प्रख्यात साहित्यिक नलिनी बेरा ने किया. मंच पर प्रो. डॉ. लायेक अली खान, कवि प्रफुल्ल पाल, पूर्व सहायक जिला स्कूल निरीक्षक सुकुमार काला और संगीतकार शक्ति पद पोरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही.
मेले के आयोजन में बालिचक साहित्य संसद और ‘बलिभूमि’ पत्रिका का महत्वपूर्ण सहयोग रहा. स्थानीय लेखकों की कृतियों को पाठकों तक पहुँचाने का यह एक सुनहरा अवसर बना.
साहित्य से संवाद, चिंतन का अड्डा
पुस्तक मेला केवल किताबों की बिक्री का आयोजन नहीं था, बल्कि यह स्वतंत्र सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति का केंद्र बन गया. ग्रामीण इलाके में साहित्य के प्रति बढ़ती जागरूकता इस आयोजन की प्रमुख उपलब्धि रही.
कवि सम्मेलन ने बांधा समां
मेले के अंतिम दिन कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसका उद्घाटन प्रख्यात लेखक एवं डिप्टी मजिस्ट्रेट मृदुल श्रीमानी ने किया. मंच पर सुनील माझी, सिद्धार्थ संतरा, काशीनाथ साहा, तनुश्री भट्टाचार्य, सुनील भुइयां, पुष्पा संतरा, सुब्रत सेन, रविंद्र नाथ भौमिक, असीम भुइयां, प्रफुल्ल पाल, उत्तम बेहरा सहित लगभग 50 कवियों की सहभागिता रही.
संगीत और कविता की जुगलबंदी
प्रसिद्ध रवींद्र संगीत कलाकार शक्तिपद पोरिया की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. स्थानीय दर्शकों ने कवियों और कलाकारों का गर्मजोशी से स्वागत किया. आयोजन की यह आत्मीयता लंबे समय तक याद रखी जाएगी.
आशा और उत्साह के साथ समापन
आयोजकों प्रफुल्ल पाल और उत्तम बेहरा सहित समिति के सभी सदस्यों ने बताया कि इस मेले में किताबों की बिक्री, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दर्शकों की भागीदारी से उन्हें नई ऊर्जा मिली है. लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने भविष्य में और बड़े आयोजन की उम्मीदें जगा दी हैं.
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