बहरागोड़ा: ग्रामीण क्षेत्र बहरागोड़ा में चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है. बहरागोड़ा बाजार स्थित सिटी नर्सिंग होम में 26 वर्षीय युवक के पेनाइल फ्रैक्चर विथ यूरेथ्रल इंजुरी जैसे जटिल और संवेदनशील मामले में सर्जरी सफलतापूर्वक की गई. इस दुर्लभ ऑपरेशन को लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. चंदन सिंह ने अंजाम दिया.
क्या था मामला?
उक्त युवक को अत्यंत तीव्र दर्द, पेशाब में रुकावट और लिंग में असामान्य सूजन के कारण आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया. जाँच में पता चला कि उसके लिंग की प्रमुख संरचना कार्पस कैवर्नोसा में फ्रैक्चर आ गया था और पेशाब की नली (यूरेथ्रा) भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी. स्थिति अत्यंत संवेदनशील थी और तुरन्त शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता थी.
किस प्रकार की गई सर्जरी?
डॉ. चंदन सिंह ने बिना समय गंवाए पेनाइल फ्रैक्चर रिपेयर विथ यूरेथ्रोप्लास्टी नामक जटिल सर्जरी को अंजाम दिया. इस प्रक्रिया में लिंग की फटी संरचनाओं को सटीक रूप से जोड़ा गया और पेशाब की नली की मरम्मत की गई. रोगी को 3 सप्ताह के लिए कैथेटर लगाया गया ताकि मूत्र मार्ग पूर्णतः ठीक हो सके.
क्या कहते हैं डॉ. चंदन सिंह?
डॉ. सिंह ने बताया कि यह सर्जरी तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल थी. इस प्रकार के मामलों में अक्सर लोग शर्म या डर के कारण इलाज में देरी करते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है. समय पर उचित निर्णय और कुशल तकनीक के चलते रोगी अब पूरी तरह स्वस्थ है.
उन्होंने यह भी बताया कि सिटी नर्सिंग होम बहरागोड़ा में अब ऐसे दुर्लभ मामलों का इलाज अत्याधुनिक संसाधनों से संभव है. इससे झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र के मरीजों को बाहर बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी.
एक प्रेरक उपलब्धि
यह सफलता बहरागोड़ा जैसे सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र के लिए न केवल गर्व का विषय है, बल्कि यह प्रमाण भी है कि समर्पित प्रयास और आधुनिक तकनीक के माध्यम से जटिल चिकित्सा उपचार अब छोटे शहरों और गांवों में भी संभव है. सिटी नर्सिंग होम की यह उपलब्धि स्थानीय चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है.
इसे भी पढ़ें : Bahragora: बहरागोड़ा कॉलेज में राष्ट्रीय संगोष्ठी ने खोले नये दृष्टिकोण, विविध विश्वविद्यालयों के विद्वानों ने साझा किए विचार
There is no ads to display, Please add some



















































