देवघर: देवघर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ब्रह्मा कुमारीज सेवा केंद्र ‘आनंद भवन’ में आध्यात्मिक वातावरण के बीच राखी का त्योहार श्रद्धा व संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केंद्र की संचालिका रीता दीदी ने उपस्थितजनों को रक्षाबंधन के आध्यात्मिक अर्थ को समझाते हुए बताया कि यह सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि आत्मा की परमात्मा से शुद्ध संकल्प की डोर है।
उन्होंने कहा कि “आज हम सब परमपिता परमात्मा के समक्ष यह प्रतिज्ञा करते हैं कि जीवन में कभी भी विकारों में नहीं पड़ेंगे और पवित्रता के साथ सतयुग की दुनिया के निर्माण में सहभागी बनेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि रक्षाबंधन की परंपरा की जड़ें गहराई से ब्राह्मण परंपरा में जुड़ी हैं, जहां ब्राह्मणों द्वारा राखी बांधना आत्मिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता था।
कार्यक्रम के दौरान सेवा केंद्र में मौजूद मीडियाकर्मियों को भी राखी बांधकर सम्मानित किया गया। इस पावन समारोह में सतनारायण, सुनील, श्रवण, बिरजू, मनीष, मेघा, भानू, पूनम और सीमा जैसे कई स्थानीय सेवाभावी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने शांति और पवित्रता के भाव से ‘ओम् शांति’ का उच्चारण किया और परस्पर शुभकामनाएं साझा कीं।
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