जमशेदपुर: बालिगुमा और आसपास के ग्रामीणों ने एक गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान खींचा है। डिमना नाले के किनारे, सुखना बस्ती क्षेत्र में मनोज सिंह द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और जनसुविधा से सीधा खिलवाड़ है।
ग्रामीणों ने बताया कि जब डिमना डैम से पानी छोड़ा जाता है, तो अवैध निर्माण वाले घरों में पानी भर जाता है। इससे मिट्टी का कटाव होता है और घर गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके बावजूद लगातार मरम्मत कर रहन-सहन जारी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासनिक आदेश की अनदेखी
मानगो नगर निगम और अंचल कार्यालय की संयुक्त जांच (पत्रांक 1210, दिनांक 27.07.2023) में पहले ही साबित हो चुका है कि यह भूमि सरकारी है। इस मामले में बी.पी.एल.ई./जे.पी.एल.ई. केस संख्या 29/23-24 भी दर्ज है। नगर निगम द्वारा भवन को सील करने के बाद भी सील तोड़कर पुनः निर्माण कार्य किया गया, जो सीधे-सीधे प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है।
अधूरा पुल बना बाधा
ग्रामीणों ने बताया कि बालिगुमा को डिमना (वाया जयपाल कॉलोनी) से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण शुरू हुआ था। तीन पाया बन चुके हैं, लेकिन चौथे पाया की जगह अतिक्रमण होने से काम अधर में लटका है। नतीजतन हजारों लोग रोज लंबा चक्कर लगाकर आने-जाने को मजबूर हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है और कभी भी जनहानि हो सकती है।
ग्रामीणों की मांगें
सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण और निर्माण को तुरंत हटाया जाए।
अधूरा पड़ा पुल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल विकास का सवाल नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर जनसुरक्षा का मामला है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या आने वाले समय में बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, मानगो नगर निगम और सभी संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
इसे भी पढ़ें :
Jamshedpur: अकेली महिला से जबरन यौन शोषण, आरोपी गिरफ्तार
There is no ads to display, Please add some


















































