चांडिल: 17 अक्टूबर 2025 को कपाली निवासी फैज़ाद आलम और उनके साथी मोहम्मद अज़हरुद्दीन चांडिल घूमने गए थे। रात लगभग 7:30 बजे जब अज़हरुद्दीन नीमडीह थाना किसी जानकारी के लिए गए, तो थाना प्रभारी संतन तिवारी भड़क गए। उन्होंने उल्टा अज़हरुद्दीन पर झूठा आरोप लगा दिया।
इसके बाद फैज़ाद जब थाना परिसर में गए, तो उनके साथ भी थाना प्रभारी ने गाली-गलौज की। फैज़ाद ने विरोध किया, तो संतन तिवारी ने धमकी दी कि “हथियार, ब्राउन शुगर या गांजा के साथ तुम दोनों को जेल भेज देना पुलिस के लिए बड़ी बात नहीं है।”
फैज़ाद के अनुसार, लगातार गाली-गलौज और टॉर्चर के दौरान वे बेहोश हो गए और मुंह के बल जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनके ठुड्डी पर गहरी चोट लगी और दांत भी टूट गए।
थाना प्रभारी ने फैज़ाद को अंदर कमरे में ले जाकर रुकने को कहा और जबरन एक सफेद कागज पर यह लिखवाया कि “मैं नीमडीह थाना किसी काम से आया था और बेहोश हो गया और सही सलामत जा रहा हूं।”
इसके बाद फैज़ाद ने एम.जी.एम. अस्पताल में अपना इलाज कराया। उन्होंने थाना प्रभारी पर अनुशासनहीनता, गाली-गलौज, मौलिक अधिकारों का हनन, झूठे केस में जेल भेजने की धमकी और पद का दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप मानव अधिकार आयोग (NHRC) में दर्ज कराए हैं।