जादूगोड़ा: यूरिनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) में माइनिंग मेट, वाइंडिंग ड्राइवर समेत 107 पदों की बहाली को लेकर नरवा पहाड़ विस्थापित कमिटी ने विरोध जताया। सोमवार को हाड़तोपा पंचायत भवन में बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता झामुमो जिला प्रमुख बाघराय मार्डी ने की।
कमिटी के अध्यक्ष बुधराय किस्कू ने यूसिल प्रबंधन से मांग की कि थर्ड और फोर्थ ग्रेड की बहाली से पहले विस्थापितों, प्रभावितों और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि उन्हें कंपनी के नियोजन में लाभ मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आंदोलन और बहाली रद्द करने की मांग उठाई जाएगी।
बुधराय किस्कू ने आरोप लगाया कि विज्ञापन में किए गए प्रावधान से यूसिल की सात यूरेनियम खदानों के विस्थापित और प्रभावित क्षेत्र के लोग वंचित रह जाएंगे। उनका कहना है कि वर्षों से आदिवासियों के साथ नियोजन के मामले में सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है। स्थानीय युवाओं और विस्थापित महिलाओं ने भी अपनी आवाज़ उठाई।
प्रीति मार्डी (स्थानीय महिला): “हमने यही पढ़ाई की है, बाहर क्यों जाएं? कंपनी हमें यहाँ प्रशिक्षित करे और नौकरी दे।”
वर्षा टुडू (ग्रामीण): “विस्थापितों को बिना प्रशिक्षण बहाली में शामिल करना अन्याय है। 75 प्रतिशत पद स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए।”
बैठक में शामिल थे:
बुधराय किस्कू (अध्यक्ष)
बाघराय मार्डी (झामुमो जिला प्रमुख)
दसमत मुर्मू (पाथर चाकरी ग्राम प्रधान)
मोची राम सोरेन (महासचिव)
पर्वत किस्कू (ग्राम प्रधान हड़तोपा)
मदन मोहन दास (कोषाध्यक्ष)
बैठक में सभी ने यूसिल प्रबंधन को स्थानीय लोगों के प्रशिक्षण और बहाली में प्राथमिकता देने की मांग दोहराई और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।




















































