- संयुक्त किसान मोर्चा ने झारखंड के दर्जनों गांवों में विधेयकों के खिलाफ विरोध जताया
- किसानों और ग्रामीणों ने विधेयकों के खिलाफ एकजुटता दिखाई
राहे : संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आव्हान पर झारखंड राज्य किसान सभा ने राहे के ठूगरूडीह, बासाहातु, पारमडीह, महेशपुर, बरवाडीह, लोवाहातु, टोरांग, कटयाडीह सहित दर्जनों गांवों में किसान विरोधी बीज विधेयक और बिजली विधेयक की प्रतियां जला कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसान विरोधी बीज और बिजली विधेयक वापस लो, बिजली और बिजली कारपोरेट के हवाले नहीं चलेगा, मोदी सरकार हाय हाय जैसे नारे लगाए गए। मुख्य वक्ता झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि ये दोनों विधेयक कृषि क्षेत्र को कारपोरेट कंपनियों के हाथों सौंपने की तैयारी हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2021 में किसान विरोधी भूमि अध्यादेश और 2020 में तीन कृषि काला कानून देशव्यापी किसान आंदोलन के कारण रद्द किए गए थे।
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किसानों ने विधेयकों के खिलाफ पूरे राज्य में प्रदर्शन किया
सुफल महतो ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किसानों के साथ लिखित समझौता, जिसमें तीन माह के अंदर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने का वादा था, आज तक लागू नहीं हुआ। इस अवसर पर राज्य किसान कौंसिल सदस्य विसवर महतो, जिला कौंसिल सदस्य शोभाराम महतो, जयपाल सिंह मुंडा, मुगा महली, नारायण मुंडा, अंचल कौंसिल सदस्य जगन्नाथ मुंडा, सोमा मुंडा, घनश्याम मुंडा, कनक मुंडा, सुखदेव महतो, राम महतो, सहदेव हरिजन, कमलाकांत मुंडा सहित दर्जनों अन्य किसान और महिलाएं मौजूद थे। सभी ने मिलकर किसानों के अधिकारों की रक्षा और विधेयकों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाने का संकल्प लिया।
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