- कैबिनेट से पेसा कानून पारित होने पर ढोल-नगाड़ों, रंग-गुलाल और मिठाइयों के साथ जताया गया आभार
- झामुमो का आदिवासी–मूलवासी अधिकारों पर फोकस
सरायकेला : आदिवासी–मूलवासी समाज के अधिकारों को सशक्त करने वाले बहुप्रतीक्षित पेसा (PESA) कानून के झारखण्ड कैबिनेट से पारित होने के बाद पूरे जिले में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। इस ऐतिहासिक निर्णय को ग्राम सभा को संवैधानिक मजबूती देने और स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार, 26 दिसंबर 2025 को सरायकेला जिला मुख्यालय में भव्य धन्यवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने किया। इस दौरान आम नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत किया।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शिरकत करेंगी संथाली भाषा और ओलचिकी लिपि के शताब्दी समारोह में
पेसा कानून क्या है और इससे ग्राम सभाओं को क्या अधिकार मिलेंगे
धन्यवाद कार्यक्रम के तहत सरायकेला स्थित गैरेज चौक पर पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच रंग-गुलाल उड़ाए गए और मिठाइयों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके नेतृत्व में यह कानून झारखण्ड कैबिनेट से पारित हो सका। पूरे आयोजन में हर्षोल्लास, उत्साह और उल्लासपूर्ण वातावरण देखने को मिला। वक्ताओं ने कहा कि पेसा कानून आदिवासी समाज के आत्मसम्मान, अधिकार और स्वशासन की मजबूत नींव है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्राम सभाओं को वास्तविक अधिकार मिलेंगे और स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय लोगों का नियंत्रण सुनिश्चित होगा।
इसे भी पढ़ें : Baharagoda : विधायक समीर मोहंती बिजली कटौती को लेकर सख्त, कहा- लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
झारखण्ड में स्थानीय स्वशासन को नई मजबूती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो नेताओं ने कहा कि पेसा कानून से झारखण्ड के समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी और आदिवासी–मूलवासी समाज के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी। अंत में झामुमो जिला कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर झामुमो के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें सरायकेला पूर्व प्रत्याशी गणेश महाली, केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी, सुधीर चंद्र महतो, बिशु हेम्ब्रम, जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, साहित्य संस्कृति जिला अध्यक्ष अबिनाश कबी, व्यवसाय मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सौरभ साहू, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष बेनी माधव महतो, बुद्धिजीवी मोर्चा जिला अध्यक्ष दुर्गा लाल मुर्मू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।