- बहरागोड़ा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कुलपति को सौंपा मांग पत्र
- स्थानांतरण सूची से नाराज छात्रों ने जताया विरोध
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. बी.के. बेहरा का नाम कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा जारी हालिया स्थानांतरण सूची में शामिल किए जाने से महाविद्यालय के छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पूर्व छात्र नेता अभिजीत बाग के नेतृत्व में एकजुट होकर विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम मांग पत्र सौंपा और इस स्थानांतरण को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि वर्ष 1969 में भिक्षाटन के माध्यम से स्थापित यह महाविद्यालय पिछले पांच वर्षों में डॉ. बेहरा के नेतृत्व में एक नई पहचान हासिल कर चुका है। उनके कार्यकाल में महाविद्यालय का न केवल भौतिक ढांचा मजबूत हुआ, बल्कि शैक्षणिक वातावरण में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
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विकास कार्य बाधित होने की जताई आशंका
विद्यार्थियों ने बताया कि डॉ. बी.के. बेहरा के कार्यकाल में नए भवन, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, कॉन्फ्रेंस हॉल का निर्माण हुआ, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए अंग्रेजी सहित आठ विषयों में पीजी की पढ़ाई भी शुरू की गई। इसके अलावा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे, सोलर सिस्टम और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। छात्रों ने चिंता जताई कि वर्तमान में मल्टीपरपस भवन, स्वतंत्र प्रशासनिक ब्लॉक और ऑडिटोरियम जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं निर्माणाधीन या प्रस्तावित हैं, जिन पर स्थानांतरण से प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि बहरागोड़ा महाविद्यालय झारखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी प्रमुख शिक्षा केंद्र है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित में निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मांग पत्र की प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल (कुलाधिपति) और स्थानीय विधायक को भी भेजी गई है।