बहरागोड़ा: प्रखंड के खांडामौदा गाँव में शनिवार से पारंपरिक एवं हर्षोल्लास के साथ तीन दिवसीय माँ शीतला पूजा का आयोजन शुरू हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल है और ग्रामीण पूरी श्रद्धा के साथ माँ की आराधना में जुटे हैं।
कलश यात्रा के साथ हुआ माँ का आवाहन
पूजा के पहले दिन शनिवार को मुख्य पुजारी कराली किंकर त्रिपाठी द्वारा खांडामौदा के ऐतिहासिक बेलसाघर तालाब में विधिवत कलश डुबोकर माँ शीतला का आवाहन किया गया। इसके पश्चात, स्थानीय संकीर्तन मंडली की मधुर धुन और शंख ध्वनि के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली गई।वहीं जब कलश यात्रा पूजा स्थल पर पहुँची, तो स्थानीय महिलाओं ने पुजारी के पाँव हल्दी पानी से धोकर उनका स्वागत किया, जिसके बाद मंदिर प्रांगण में कलश स्थापना की गई।पूजा मंडप में स्वपन मिश्रा एवं बिनय रथ के नेतृत्व में 33 कोटि देवी-देवताओं का आवाहन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना शुरू हुई, जहाँ बड़ी संख्या में महिलाओं ने माता शीतला के समक्ष दीप और धूप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि खांडामौदा गाँव में माँ शीतला की पूजा की परंपरा करीब 200 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव की अपनी विशेष महत्ता है जिसमें खिचड़ी प्रसाद व सांस्कृतिक कार्यक्रम जो आकर्षण का केंद्र होगा। इस महोत्सव को सफल बनाने में खांडामौदा के समस्त ग्रामवासी दिन-रात जुटे हुए हैं।



















































