झाड़ग्राम : गोपीबल्लभपुर स्थित ऐतिहासिक श्रीपाट राधागोविंद जीउ मंदिर की चार सौ वर्षों से अधिक पुरानी रथयात्रा को पहली बार पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 5 लाख रुपये का आर्थिक अनुदान प्रदान किया गया है। इस सहायता को मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सोमवार को झाड़ग्राम जिला समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. आकांक्षा भास्कर तथा पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला (आईपीएस) ने श्रीपाट गोपीबल्लभपुर के वर्तमान महंत श्री श्री कृष्ण केशवानंद देव गोस्वामी को 5 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस अवसर पर प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इतिहास के अनुसार वर्ष 1615 ईस्वी में वैष्णवाचार्य श्यामानंद तथा उनके प्रमुख शिष्य रसिकानंद ने इस रथयात्रा की शुरुआत की थी। वैष्णव परंपरा के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध श्रीपाट गोपीबल्लभपुर आज भी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
इस रथयात्रा की विशेषता यह है कि मंदिर परिसर से दो अलग-अलग रथ निकाले जाते हैं। एक रथ पर भगवान जगन्नाथ एवं सुभद्रा, जबकि दूसरे रथ पर बलराम विराजमान होते हैं। रथयात्रा के दौरान कीर्तन, नाम-संकीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो जाता है।
महंत श्री श्री कृष्णकेशवानंद देवगोस्वामी ने कहा कि चार शताब्दियों से अधिक पुरानी इस परंपरा को पहली बार सरकारी आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि यह अनुदान रथयात्रा के आयोजन के साथ-साथ मंदिर की विरासत के संरक्षण, रथ के रखरखाव और आने वाली पीढ़ियों तक इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि इस सरकारी सहायता से रथयात्रा की आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा झाड़ग्राम की इस ऐतिहासिक धार्मिक विरासत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
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