जादूगोड़ा : मुसाबनी प्रखंड के फॉरेस्ट पंचायत अंतर्गत जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के पाटकिता गांव निवासी आदिवासी महिला सोन मुनि भूमिज ने अपनी पुश्तैनी जमीन को कथित भू-माफियाओं से बचाने की मांग को लेकर शुक्रवार को पोटका विधायक संजीव सरदार के तुरामडीह स्थित आवासीय कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई।
पीड़िता का आरोप है कि बागबेड़ा पुलिस उन्हें उनकी ही जमीन पर निर्माण कार्य करने से रोक रही है तथा जेल भेजने की धमकी भी दी जा रही है। उनका कहना है कि पुलिस के इस रवैये से कथित भू-माफियाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
विधायक से गुहार के बाद जमीन पर किया प्रदर्शन
सोन मुनि भूमिज का कहना है कि विधायक से भी उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बागबेड़ा थाना क्षेत्र के घाघीडीह स्थित अपनी जमीन पर पहुंचकर जमीन संबंधी दस्तावेजों के साथ प्रदर्शन किया और अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री से प्रशासनिक जांच की मांग
पीड़िता ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने तथा कथित भू-माफियाओं से उनकी जमीन को मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आदिवासियों की रैयती जमीन को सुरक्षित रखने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
सोन मुनि भूमिज के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले के घाघीडीह मौजा स्थित उनकी खातियानी जमीन पर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनका दावा है कि घाघीडीह मौजा, थाना बागबेड़ा, खाता खाता नम्बर 2 प्लांट 4992 , रकवा .97 डिसमिल व खाता नंबर 13 प्लॉट नंबर 4993 कुल रकवा 13.73 डिसमिल
कुल 29.520 डिसमिल जमीन उनके पूर्वजों की रैयती संपत्ति है। जब उन्होंने वहां मकान निर्माण शुरू करने का प्रयास किया तो कथित रूप से बागबेड़ा पुलिस और भू-माफियाओं ने बाधा उत्पन्न की।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। अब उनकी उम्मीद मुख्यमंत्री से न्याय मिलने पर टिकी है।



















































