जादूगोड़ा : बिना ठोस साक्ष्य के पूर्व यूसिलकर्मी विद्या शर्मा का वर्ष 2020 व 2021 में यूसिल प्रबंधन द्वारा दो इंक्रीमेंट होल्ड करने के मामले में धनबाद श्रम न्यायालय 01 ने संज्ञान में लेते हुए यूसिल के महाप्रबंधक ( कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध ) को पत्र भेजकर आगामी 23 अक्टूबर को धनबाद श्रम न्यायालय कोर्ट 01 रिटेन स्टेटमेंट व रिज्वाइंडर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। पत्र में कहा गया है निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं होने पर या किसी प्रतिनिधि को नहीं भेजने पर एक तरफा कार्रवाई की जाएगी। यहां बताते चले कि वर्ष 2020 – 2021 में यूसिल के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने बिना ठोस साक्ष्य व कंपनी में कार्य के दौरान दोहरे लाभ के पद पर रहने के फर्जी आरोपों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालिन यूसिल कर्मी विद्या शर्मा (कर्मचारी संख्या 3792 ) का दो इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी थी व लाभ से वंचित कर दिया था। जबकि यूसिल कर्मचारियों व अधिकारियों को लोन देने वाली संस्था यूसिल कॉपरेटिव सोसायटी में कई कर्मचारी दोहरे लाभ के पद पर अपनी सेवा दे रहे है। ऐसे मामले प्रबंधन के संज्ञान में रहते हुए भी विद्या शर्मा पर लगे आरोपों की सत्यता की अनदेखी कर उन्हें निशाना बनाया व पक्षपात पूर्ण करवाई करते हुए दो इंक्रीमेंट सस्पेंड कर दिया। जिसके खिलाफ पूर्व यूसिलकर्मी विद्या शर्मा ने मजदूर संगठन झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव की मदद से चाइबासा श्रम न्यायालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। जहां कंपनी प्रबंधन ने जान बुझ कर मामले को उलझाए रखा व अंत में मामला धनबाद श्रम न्यायालय में पहुंच गया। जिसकी अगली सुनवाई आगामी 23 अक्टूबर को रखी गई है।
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