जमशेपुर : सोनारी थाना में नशा मुक्ति पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन सोनारी थाना शांति समिति के सदस्यों के माध्यम से किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य था युवा पीढ़ी को इस अभिशप्त नसे के लत से कैसे दूर रखा जाए. थाना प्रभारी ने कहा कि भारत जैसे देश में युवाओं के बीच तेजी से बढ़ते नशीले पदार्थों का सेवन आम समस्याओं में से एक है. प्रदेश में नौजवानों के बीच आज शराब और तंबाकू-सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों का सेवन लगभग एक आम बात बनती जा रही है. नशीले पदार्थों के उपयोग के कारण न सिर्फ इसे सेवन करने वाले लोगों के लिए अनेक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो रही है. बल्कि बड़े पैमाने पर उनके परिवार और समुदाय के लोगों को भी विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ता है.
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मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर असर पड़ रहा है
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों में प्रमुख रूप से शराब, कोकीन, अफीम से बनी नशीली दवाईयां शामिल हैं, जो लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर रूप से प्रतिकूल प्रभाव डालती है. व्यक्ति के शरीर में लगभग उसके हर अंग पर इसका हानिकारक प्रभाव पड़ता है. जितने भी स्कूल कॉलेज के बगल मे नशीले पदार्थ की दुकानें हैं उन्हें तुरंत बंद करवाया जाए ताकि युवा पीढ़ी नशा से थोड़ा दूर हो पाए. शाम से पुलिस गश्ती विशेष कर जहां पर अड्डा बाजी और युवाओं का जमावड़ा होता है उस पर अपनी पहली नजर रखें. अंत में सुधीर कुमार पप्पू ने अपने संबोधन में कहा कि आज के युवा वर्ग के द्वारा नशीले पदार्थ का सेवन के कारण ही भयंकर सड़क दुर्घटना एवं जानलेवा मारपीट ,हत्या, चोरी ही मुख्य कारण बन रहा है. जिला प्रशासन और सोनारी थाना प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलाकर नशा मुक्ति मे अपनी सहयोगियों के साथ प्रयासरत रहेंगे.
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