दिल्ली में 6-7 जनवरी को राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में लिए जाएंगे कई निर्णय
जमशेदपुर : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वर्ष 2025 को ‘व्यापारी स्वाभिमान वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोन्थालिया ने बताया कि यह वर्ष व्यापारियों के अधिकारों, देश के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विकास में उनके योगदान, और उनकी समस्याओं को उजागर करने तथा उनके सम्मान को स्थापित करने के उद्देश्य से समर्पित होगा. सोन्थालिया ने बताया कि आगामी 6-7 जनवरी को दिल्ली में कैट का एक राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन आयोजित कर रहा है. जिसमें देश के सभी राज्यों के 150 से अधिक प्रमुख व्यापारी नेता शामिल होंगे तथा व्यापारी स्वाभिमान वर्ष के सभी कार्यक्रमों को अंतिम रूप देंगे. देश भर के 48 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठन इस बृहद योजना के क्रियान्वयन में जुटेंगे.
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वर्ष भर आयोजित होंगे यह कार्यक्रम
कैट के चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के साथ संवाद स्थापित कर व्यापारियों के लिए हितकारी नीतियों की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि देशभर में व्यापारियों के योगदान को मान्यता देने के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे. साथ ही प्रमुख व्यापारियों और संगठनों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा. व्यापारिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. डिजिटल व्यापार, जीएसटी, ई-कॉमर्स और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी. व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश के विभिन्न राज्यों में स्वाभिमान मार्च निकाले जाएंगे. व्यापार में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी.
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व्यापारिक संस्कृति को बढ़ावा को आयोजित होंगे कार्यक्रम
स्थानीय और पारंपरिक व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष मेले और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी. बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कैट व्यापारियों की रीढ़ की हड्डी के रूप में उनकी भूमिका को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. देश के 9 करोड़ से अधिक व्यापारियों को एक मंच पर लाने का यह प्रयास व्यापारिक समुदाय को एक नई दिशा देगा. उन्होंने सभी व्यापारिक संगठनों से आग्रह किया कि वे 2025 को 2025 को व्यापारी स्वाभिमान वर्ष के रूप में मनाकर अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करें.
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