Baharagoda : जर्जर भवन के साये में ‘भूतिया’ स्कूल, बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों खतरे में

  • बहरागोड़ा प्रखंड के भूतिया मध्य विद्यालय में संसाधनों की भारी कमी, 110 छात्र प्रभावित
  • शिक्षा व्यवस्था सुधारने की ग्रामीणों ने की मांग

बहरागोड़ा : एक ओर जहां सरकार आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे कर रही है, वहीं बहरागोड़ा प्रखंड का भूतिया मध्य विद्यालय बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे यहां पढ़ रहे करीब 110 बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्कूल के कुल सात कमरों में से तीन कमरे पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। शेष चार कमरों में ही कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई कराई जा रही है। जगह की भारी कमी के कारण अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में बैठना पड़ता है, जिससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि शिक्षकों के लिए भी पढ़ाना चुनौती बन गया है।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : निकाय चुनाव में देरी के खिलाफ भाजपा का धरना, तिथि घोषित करने की मांग

ग्रामीण स्कूलों की बदहाल स्थिति पर उठते सवाल

मानसून के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब जर्जर छतों से पानी टपकने लगता है और कक्षाएं संचालित करना लगभग असंभव हो जाता है। विद्यालय का रसोईघर भी जर्जर स्थिति में है, जिससे मध्यान्ह भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रभारी प्रधानाध्यापक चित्य रंजन बास्के ने बताया कि विद्यालय के लिए नया भवन पहले स्वीकृत हुआ था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया। दोबारा विभाग से भवन निर्माण की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में बच्चों की सुरक्षा और एकाग्रता बनाए रखना बड़ी चुनौती है। वहीं ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग से रद्द हुए भवन निर्माण कार्य को पुनः शुरू करने और शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है।

Spread the love

Related Posts

Young Indians : “फोन बंद, सोच चालू” आईडीएस-6 हैकाथॉन 2026 ने जमशेदपुर में नवाचार की नई मिसाल पेश की

जमशेदपुर : पारंपरिक छात्र आयोजनों से अलग हटकर, यंग इंडियंस (वाईआई), जमशेदपुर द्वारा आयोजित आईडीएस6 हैकाथॉन 2026 ने युवाओं को एक सशक्त मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने 11 घंटे की…

Spread the love

Potka : चालियामा में 32वीं ‘अपूर पाठशाला’ शुरू, बांग्ला भाषा संरक्षण की पहल

पोटका : माताजी आश्रम, हाता की ओर से बांग्ला भाषा के संरक्षण और नई पीढ़ी को मातृभाषा से जोड़ने के उद्देश्य से राजनगर प्रखंड के चालियामा गांव में 32वीं ‘अपूर…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time