बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड के पांचबढ़िया गांव स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में मंगलवार को पारंपरिक गाजन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया. पर्व के अवसर पर शिव भक्तों ने महादेव के प्रति अटूट आस्था और साहसिक हठ भक्ति का प्रदर्शन किया.
सुवर्णरेखा में स्नान, नगर परिक्रमा और जीभ में कील
शाम होते ही भोक्ताओं ने सुवर्णरेखा नदी में आस्था का स्नान कर विधिवत पूजा करवाई. इसके पश्चात पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ नगर परिक्रमा करते हुए वे मंदिर पहुंचे. इस दौरान कई भोक्ताओं ने अपनी जीभ में लोहे की कील (त्रिशूल) तथा छड़ घोंपकर मंदिर की तीन बार परिक्रमा की. कुछ श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर चलकर हठ योग का परिचय दिया.
गोरिया भार शोभायात्रा बना पर्व का आकर्षण
रात्रि में पाट भोक्ता की अगुवाई में निकली गई गोरिया भार शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया. ढोल-नगाड़े और मंत्रोच्चार के बीच गोरिया भार को मंदिर तक लाया गया. इसके जल को प्रसाद स्वरूप सभी व्रतियों में वितरित किया गया. गोरिया भार का जल ग्रहण कर व्रतियों ने अपना उपवास समाप्त किया.
मंदिर परिसर में उमड़ा ग्रामीणों का जनसैलाब
गाजन पर्व के अवसर पर दोनों मंदिरों में पारंपरिक मेला का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. रात्रि में छऊ नृत्य का भी भव्य आयोजन हुआ, जिसने सांस्कृतिक रंग भी भर दिया. गाजन कमिटी के सदस्यों ने बताया कि बहुलिया गांव स्थित इस शिव मंदिर में यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से जीवित है. पुजारी मोंटू महापात्र के अनुसार, हर वर्ष दर्जनों श्रद्धालु इस कठिन तपस्या के माध्यम से शिव भक्ति प्रकट करते हैं.
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