नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक नया पेरेंटिंग कैलेंडर जारी करने का निर्णय लिया है. इस पहल का उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सहयोग को सशक्त बनाना, छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास को प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप समग्र शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाना है.
पेरेंटिंग कैलेंडर का उद्देश्य और महत्व
सीबीएसई का यह पेरेंटिंग कैलेंडर कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य है:
• अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना.
• छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रभावी संवाद को बढ़ावा देना.
• स्कूलों में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली का निर्माण करना.
इस कैलेंडर के लागू होने से यह उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रों, उनके माता-पिता और शिक्षकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित होंगे, जो उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास को सहारा देंगे.
पेरेंटिंग कैलेंडर का आधिकारिक लॉन्च
सीबीएसई द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस पेरेंटिंग कैलेंडर का औपचारिक शुभारंभ 28 मार्च, 2025 को शाम 4:00 बजे किया जाएगा. यह लॉन्चिंग कार्यक्रम सीबीएसई के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया जाएगा, जहां शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य विशेषज्ञों को जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया है. इस कार्यक्रम में पेरेंटिंग कैलेंडर के उद्देश्यों और प्रभावी कार्यान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जाएगी.
सीबीएसई पेरेंटिंग कैलेंडर समिति का गठन
इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए, सीबीएसई ने जनवरी 2025 में शिक्षाविदों और स्कूल प्राचार्यां की एक समिति गठित की थी. इस समिति का उद्देश्य एक प्रभावी रूपरेखा तैयार करना था, जो निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान देती है:
• अभिभावक-शिक्षक संवाद को अधिक प्रभावी बनाना.
• किशोरों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) की आवश्यकताओं को समझना और उन्हें संबोधित करना.
• स्कूलों में संरचित सहभागिता और संवाद व्यवस्था को विकसित करना.
समिति का नेतृत्व सरदार पटेल विद्यालय की प्रधानाचार्य, अनुराधा जोशी कर रही हैं. इसमें देशभर के प्रतिष्ठित स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों को शामिल किया गया है. समिति के सदस्यों ने वर्चुअल और ऑफलाइन माध्यमों से मिलकर इस कैलेंडर को तैयार किया, और 15 मार्च, 2025 तक इसकी अंतिम सिफारिशें प्रस्तुत कीं.
पेरेंटिंग कैलेंडर लॉन्च कार्यक्रम में भागीदारी
इस पहल को सफल बनाने के लिए, सीबीएसई ने स्कूल प्रमुखों, शिक्षकों, काउंसलरों, वेलनेस कोचों और अभिभावकों को पेरेंटिंग कैलेंडर के लॉन्च इवेंट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. इस कार्यक्रम में पेरेंटिंग कैलेंडर के उद्देश्यों और उसके प्रभावी कार्यान्वयन से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की जाएंगी.
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