Jharkhand: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया सिरमटोली फ्लाईओवर का उद्घाटन

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि रांची के सिरमटोली फ्लाईओवर का उद्घाटन किया एवं फ्लाईओवर का नाम अब आदिवासी नेता कार्तिक उरांव के नाम पर रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “इस प्रकार हम अपने पूर्वजों को सम्मानित कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिरमटोली पहुंचने के बाद सबसे पहले पूजा में बैठे, इसके बाद फीता काटकर और शिलापट का अनावरण कर सिरमटोली फ्लाईओवर उद्घाटन किया। उनके साथ पूजा में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री संजय प्रसाद यादव शामिल रहें।

मुख्यमंत्री ने रांची के फॉरेस्ट ऑफिस कॉम्प्लेक्स, डोरंडा स्थित वन भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अब गुलदस्तों की जगह पौधे भेंट करना ज्यादा सार्थक होगा। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।

हेमंत सोरेन ने झारखंड की पहचान उसकी हरियाली, नदियों और पहाड़ों से बताई। उन्होंने कहा, “हम परंपरागत रूप से पर्यावरण के साथ जुड़े हैं, लेकिन आज पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंची है। इसलिए विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व और बढ़ जाता है।” उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर चिंता जताई और कहा कि “प्लास्टिक हमारे जीवन के लिए खतरा बन गया है, इससे निपटने के लिए कानून और मानसिक प्रतिबद्धता दोनों जरूरी हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण शहरों में लोगों के चलने की जगह तक नहीं बची है। इसीलिए फ्लाईओवर, अंडरपास और डैम बनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा, “हम एक जिम्मेदार सरकार हैं जो जमीन अधिग्रहण और आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाती है।” उन्होंने सिरमटोली फ्लाईओवर को लेकर हो रही आलोचनाओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि सरकार जनता की सुविधा के लिए काम कर रही है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए।

सीएम ने कहा कि झारखंड के गरीब और मजदूर परिवारों के बच्चे अब 92-94 प्रतिशत अंक लाकर ‘सीएम एक्सीलेंस’ सूची में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, “हम चाहते हैं कि किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे भी इंजीनियर बनें।” महिला सशक्तिकरण के लिए मंईयां सम्मान योजना का भी उन्होंने जिक्र किया, जिससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी हालिया विदेश यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि “दूसरे देशों की जीवनशैली से सीखना जरूरी है, लेकिन झारखंड को उनके जैसा बनाने की बातें केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए होती हैं।” उन्होंने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा, “बड़े-बड़े वादे करने से सच्चाई नहीं छिपती।”

विश्व पर्यावरण दिवस के इस आयोजन में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, सिल्ली विधायक अमित महतो समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए बधाई, शुभकामनाएं और जोहार दिया।

 

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