सरायकेला: नीमडीह प्रखंड के जुगिलोंग गांव में पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलते ही हाथी जंगल से निकलकर खेतों में घुस आते हैं और धान की हरी फसल को चट कर जाते हैं। कई जगहों पर तो वे फसल को पैरों तले रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर देते हैं।
गांव के किसान सुशेन गोप, राजू गोप और हाराधान गोप के धान के खेत पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। ग्रामीणों ने रातभर टॉर्च जलाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। किसानों का कहना है कि धान की खेती में समय, मेहनत और पैसे खर्च होते हैं, और हाथी एक ही रात में सारी मेहनत चौपट कर देते हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हाथी खेतों तक ही सीमित नहीं हैं। वे कई घरों में घुसकर धान और चावल भी खा जाते हैं। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग रात को चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद विभाग केवल पटाखे और लाइट का इंतजाम करके अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है। किसानों की मांग है कि हाथियों के झुंड को तुरंत गांव से हटाया जाए और बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए।
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