जमशेदपुर: उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार के निर्देश पर नगर निगम ने शहर में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए बाढ़ से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. संभावित जल जमाव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं. नगर निगम ने जलभराव संभावित इलाकों को “डेंजर ज़ोन” घोषित कर आवश्यक मार्किंग कर दी है. कई स्थानों पर बैरिकेडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है ताकि लोग गलती से भी डूब क्षेत्र में न पहुंचें. स्थानीय लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि वे पानी भरे क्षेत्रों से दूर रहें.

अस्थाई आश्रय गृह की व्यवस्था
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अस्थाई आश्रय गृह बनाए गए हैं:
चाणक्यपुरी व आसपास के लिए वर्कर्स कॉलेज
शांतिनगर क्षेत्र के लिए गुरु गोविंद सिंह स्कूल
रामनगर क्षेत्र के लिए जेपी स्कूल
यहां लोगों को सुरक्षित आश्रय और भोजन की व्यवस्था दी जा रही है.
नगर निगम ने प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम लगाई है, जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक आवश्यक सामग्री और भोजन पहुंचा रहे हैं. घरों तक चूड़ा, गुड़, खिचड़ी जैसी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि रात्रि के समय कोई दुर्घटना न हो. निगम द्वारा लाउडस्पीकर और व्यक्तिगत संचार के माध्यम से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी जा रही है.
उपनगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि सभी नामित अधिकारी और कर्मचारी अपने क्षेत्र में मौजूद रहें और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं. जरूरत के अनुसार त्वरित राहत सुनिश्चित की जाए.
सहायक नगर आयुक्त आकिब जावेद और अरविंद प्रसाद अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उनके साथ नगर प्रबंधक निशांत कुमार, प्रदीप कुमार, दिनेश्वर यादव और सफाई पर्यवेक्षक भी मौजूद रहे.
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