नई दिल्ली: देश की सेवा में अपने अदम्य साहस और बलिदान का परिचय देने वाले सुरक्षाबलों के जवानों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया. समारोह के दौरान कुल 6 कीर्ति चक्र और 33 शौर्य चक्र प्रदान किए गए. इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे.
मरणोपरांत सम्मान से गौरवान्वित हुए परिजन
भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र, मरणोपरांत निम्नलिखित वीर जवानों को प्रदान किया गया –
मेजर मल्ला राम गोपाल नायडू (मराठा लाइट इन्फैंट्री, 56 राष्ट्रीय राइफल्स)
मेजर मंजीत (पंजाब रेजिमेंट, 22 राष्ट्रीय राइफल्स)
राइफलमैन रवि कुमार (जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, 63 राष्ट्रीय राइफल्स)
कर्नल मनप्रीत सिंह (सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स)
नायक दिलवर खान (आर्टिलरी रेजिमेंट, 28 राष्ट्रीय राइफल्स)
उपाधीक्षक हिमायूं मुजम्मिल भट (जम्मू-कश्मीर पुलिस)
इन वीरों को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया. समारोह में उनके परिजनों की उपस्थिति भावविह्वल कर देने वाली थी.
अंधेरी रात में दिखाया हवाई शौर्य
शौर्य चक्र से सम्मानित स्क्वॉड्रन लीडर (फ्लाइंग पायलट) दीपक कुमार ने विषम परिस्थितियों में साहसिक निर्णय लेते हुए विमान को सुरक्षित लैंड कराया. अंधेरी रात में उनकी निर्णय क्षमता ने संभावित जानमाल की बड़ी क्षति को टाल दिया.
राष्ट्र ने जताया कृतज्ञता भाव
राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि “इनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा है.” प्रधानमंत्री मोदी ने भी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की.
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