घाटशिला: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने बुधवार को घाटशिला के आकाशदीप होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान पार्टी के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष सह चुनाव मुख्य संयोजक देवेंद्रनाथ महतो, चुनाव प्रभारी प्रेम मार्डी, घाटशिला उपचुनाव के प्रत्याशी रामदास मुर्मू और चुनाव पर्यवेक्षक मोतीलाल महतो मौजूद थे।
प्रेस को संबोधित करते हुए देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों की आवाज़ को कुचलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाईबासा के तंबो चौक में “नो एंट्री” की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर पुलिस ने निर्मम लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और झूठे मुकदमे दर्ज किए। 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। महतो ने इस घटना को “सरकार का क्रूर चेहरा” बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
महतो ने कहा कि चाईबासा में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क हादसे बढ़े हैं। पिछले एक साल में करीब 154 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले दस दिनों में ही चार लोगों ने जान गंवाई है। उन्होंने सरकार से तत्काल “नो एंट्री” लागू करने, निर्दोष आंदोलनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और गिरफ्तार आदिवासियों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की।
प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने कहा कि अगर जनता ने उन्हें मौका दिया तो वे घाटशिला में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में “क्रांतिकारी बदलाव” लाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं गरीब का बेटा हूं, जनता पर भरोसा है कि वे इस बार बदलाव के लिए वोट करेंगे।”
चुनाव प्रभारी प्रेम मार्डी ने कहा कि लोकतंत्र में राजा का बेटा राजा नहीं बनता। जनता अब जागरूक है और जेएलकेएम पर विश्वास जता रही है। उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर को घाटशिला की जनता इतिहास रचने वाली है और इस बार एनडीए व इंडिया गठबंधन का “सुपड़ा साफ” होगा।
चुनाव पर्यवेक्षक मोतीलाल महतो ने कहा कि पार्टी घाटशिला उपचुनाव पूरे दमखम से लड़ रही है। सभी जाति, समाज और धर्म के लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि “झारखंड के नवनिर्माण” के लिए जेएलकेएम को समर्थन दें।