- ठेका कंपनियों पर भेदभाव का आरोप, ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
- ठेका कंपनियों की मनमानी से बिगड़ सकते हैं हालात, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
जादूगोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के सासपुर स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में रोजगार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन ठेका कंपनियां नियोजन में भेदभाव कर रही हैं और एक विशेष राजनीतिक दल से नजदीकी रखते हुए अपने चहेते लोगों को ही प्राथमिकता दे रही हैं। इसे लेकर सेंटर के आसपास की महिलाएं सड़क पर उतर आईं और प्रदर्शन किया। सासपुर गांव की नियति कर्मकार ने कहा कि जब सेंटर उनके गांव में है, तो यहां के विस्थापित, रैयत और ग्रामीणों को रोजगार में पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। लेकिन कंपनियां स्थानीयों की अनदेखी कर मनमानी कर रही हैं।
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स्थानीयों की अनदेखी से बढ़ा विवाद, महिलाओं ने जताया विरोध
ग्रामीण सीमा देवी ने बताया कि कोरोना काल में 262 लोगों ने सेवा दी थी, उन्हें फिर से मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन ठेका कंपनियों ने पुराने कर्मियों को दरकिनार कर नए लोगों को नियोजन में प्राथमिकता दी है। इससे ग्रामीणों में असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो यहां किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। लगातार बढ़ते विवाद ने पुलिस ट्रेनिंग सेंटर को राजनीतिक दलों के लिए अखाड़ा बना दिया है।
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